आज का गौरी शुभ समय

Saturday, August 8, 2026

यह क्या है?

गौरी नल्ला नेरम एक पारंपरिक शुभ समय निर्धारण पद्धति है जो गौरी पंचांग पर आधारित होती है। दिन और रात को विभिन्न भागों में विभाजित कर प्रत्येक समयखंड को विशेष गुणों से जोड़ा जाता है।

क्यों ज़रूरी है?

यह विस्तृत मुहूर्त उपलब्ध न होने पर उपयुक्त समय चुनने में सहायक माना जाता है।

किसके लिए अच्छा है?

नया व्यवसाय शुरू करना व्यापारिक बैठकें मूल्यवान वस्तुओं की खरीद आवेदन जमा करना शिक्षा संबंधी कार्य महत्वपूर्ण मुलाकातें धार्मिक अनुष्ठान यात्रा प्रारंभ

क्या टालें?

बड़े वित्तीय निर्णय दीर्घकालिक निवेश महत्वपूर्ण समझौते विशेष मुहूर्त वाले समारोह

छोटी सी सलाह

गौरी नल्ला नेरम को सहायक मार्गदर्शक की तरह उपयोग करें, लेकिन तैयारी और प्रयास को प्राथमिकता दें।

मुख्य बातें

Auspicious, Goddess Gowri's blessing, Twice daily, Family-focused

आज का नज़रिया

आज इसे परंपरा और समय प्रबंधन के संयोजन के रूप में देखा जाता है।

आज की घटनाएँ

कामिका एकादशी

कामिका एकादशी

श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को कामिका एकादशी कहा जाता है। पद्म पुराण के अनुसार, यह एकादशी अनजाने में हुए पापों के निवारण और अक्षय पुण्य की प्राप्ति के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है। सच्चे मन से की गई मनोकामनाओं को पूरा करने के कारण इसे 'कामिका' नाम दिया गया है। इस दिन भक्त अन्न का त्याग कर भगवान विष्णु के 'श्री हरि' रूप की पूजा करते हैं। कामिका एकादशी की कथा सुनना और रात भर भगवान के समक्ष घी का दीपक जलाकर रखना विशेष रूप से पुण्यकारी माना गया है। अगले दिन द्वादशी तिथि को शुभ मुहूर्त में पारण करके व्रत खोला जाता है। वैष्णव संप्रदाय के घरों और मंदिरों में इस दिन भजन-कीर्तन व रात्रि जागरण का आयोजन होता है।

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