कामिका एकादशी
श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को कामिका एकादशी कहा जाता है। पद्म पुराण के अनुसार, यह एकादशी अनजाने में हुए पापों के निवारण और अक्षय पुण्य की प्राप्ति के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है। सच्चे मन से की गई मनोकामनाओं को पूरा करने के कारण इसे 'कामिका' नाम दिया गया है।
इस दिन भक्त अन्न का त्याग कर भगवान विष्णु के 'श्री हरि' रूप की पूजा करते हैं। कामिका एकादशी की कथा सुनना और रात भर भगवान के समक्ष घी का दीपक जलाकर रखना विशेष रूप से पुण्यकारी माना गया है।
अगले दिन द्वादशी तिथि को शुभ मुहूर्त में पारण करके व्रत खोला जाता है। वैष्णव संप्रदाय के घरों और मंदिरों में इस दिन भजन-कीर्तन व रात्रि जागरण का आयोजन होता है।