08082026

Bangla Sal - श्रावण
23
अगस्त - शनिवार
शुक्ल पक्ष: 🌒🌓🌕
कामिका एकादशी

कामिका एकादशी

श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को कामिका एकादशी कहा जाता है। पद्म पुराण के अनुसार, यह एकादशी अनजाने में हुए पापों के निवारण और अक्षय पुण्य की प्राप्ति के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है। सच्चे मन से की गई मनोकामनाओं को पूरा करने के कारण इसे 'कामिका' नाम दिया गया है। इस दिन भक्त अन्न का त्याग कर भगवान विष्णु के 'श्री हरि' रूप की पूजा करते हैं। कामिका एकादशी की कथा सुनना और रात भर भगवान के समक्ष घी का दीपक जलाकर रखना विशेष रूप से पुण्यकारी माना गया है। अगले दिन द्वादशी तिथि को शुभ मुहूर्त में पारण करके व्रत खोला जाता है। वैष्णव संप्रदाय के घरों और मंदिरों में इस दिन भजन-कीर्तन व रात्रि जागरण का आयोजन होता है।

आज का पंचांग
तिथि (चांद्र दिन)

तिथि (चांद्र दिन)

दशमी

02:04 PM

एकादशी

नक्षत्र (तारा)

नक्षत्र (तारा)

रोहिणी

04:55 PM

मृगशिरा

योग

योग

ध्रुव

03:32 PM

व्याघात

करण

करण

वणिज

03:27 AM

विष्टि

बव

शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त

4:24 AM – 5:12 AM

अभिजीत मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त

12:00 PM – 12:48 PM

राहु काल

राहु काल

9:00 AM – 10:30 AM

यम गण्ड

यम गण्ड

1:30 PM – 3:00 PM

गुलिक काल

गुलिक काल

6:00 AM – 7:30 AM

तुलसी की पत्तियों को ताजा रखने के लिए, डंठलों को पानी के जार में रखें।

— Kitchen Tip

राशिफल मुख्य बातें

आज की घटनाएँ

कामिका एकादशी

कामिका एकादशी

श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को कामिका एकादशी कहा जाता है। पद्म पुराण के अनुसार, यह एकादशी अनजाने में हुए पापों के निवारण और अक्षय पुण्य की प्राप्ति के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है। सच्चे मन से की गई मनोकामनाओं को पूरा करने के कारण इसे 'कामिका' नाम दिया गया है। इस दिन भक्त अन्न का त्याग कर भगवान विष्णु के 'श्री हरि' रूप की पूजा करते हैं। कामिका एकादशी की कथा सुनना और रात भर भगवान के समक्ष घी का दीपक जलाकर रखना विशेष रूप से पुण्यकारी माना गया है। अगले दिन द्वादशी तिथि को शुभ मुहूर्त में पारण करके व्रत खोला जाता है। वैष्णव संप्रदाय के घरों और मंदिरों में इस दिन भजन-कीर्तन व रात्रि जागरण का आयोजन होता है।

कैलेंडर तिथि अस्वीकरण

यहाँ दिखाई गई तिथियाँ पारंपरिक ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित हैं और क्षेत्रीय परंपराओं या विद्वानों के मतभेद के कारण ±1 दिन की भिन्नता हो सकती है। महत्वपूर्ण अवसरों के लिए अपने स्थानीय पंडित या विश्वसनीय स्रोत से सत्यापित करें।